देखो अब राजनीति में धर्म के ठेकेदार है,
राजनीति के नौटंकी में इनका अच्छा ही किरदार है ।
ये तो अपनी शान में,
आग लगाते हिंदुस्तान में,
धर्म को ढाल बनाकर
जहर भरते है इंसान में ।
धर्म को ढाल बनाया तो,
फिर इनकी ही सरकार है ।
राजनीति के नौटंकी में इनका अच्छा ही किरदार है ।
एक दुकानदार अब पी०एम० है,
धर्म का मालिक सी०एम० है,
हम तो अब यही समझेंगे,
एक पढ़ा लिखा बेकार है ।
राजनीति के नौटंकी में इनका अच्छा ही किरदार है ।
खुद ही ये करते बुराई,
एक दुसरे को कहते दुश्मन,
फिर मौके को देखकर,
दोनों कर लेते गठबंधन,
पहले जो था इनका दुश्मन,
अब वही यार है ।
राजनीति के नौटंकी में इनका अच्छा ही किरदार है ।
जनता का तो खून चूसके,
इनको तो बस जीना है,
दुबला पतला कोई नही है,
५६ इंच का सीना है,
इनके हर एक भाषण में,
डायलागों की भरमार है ।
राजनीति के नौटंकी में इनका अच्छा ही किरदार है ।
राजनीति के नौटंकी में इनका अच्छा ही किरदार है ।
ये तो अपनी शान में,
आग लगाते हिंदुस्तान में,
धर्म को ढाल बनाकर
जहर भरते है इंसान में ।
धर्म को ढाल बनाया तो,
फिर इनकी ही सरकार है ।
राजनीति के नौटंकी में इनका अच्छा ही किरदार है ।
एक दुकानदार अब पी०एम० है,
धर्म का मालिक सी०एम० है,
हम तो अब यही समझेंगे,
एक पढ़ा लिखा बेकार है ।
राजनीति के नौटंकी में इनका अच्छा ही किरदार है ।
खुद ही ये करते बुराई,
एक दुसरे को कहते दुश्मन,
फिर मौके को देखकर,
दोनों कर लेते गठबंधन,
पहले जो था इनका दुश्मन,
अब वही यार है ।
राजनीति के नौटंकी में इनका अच्छा ही किरदार है ।
जनता का तो खून चूसके,
इनको तो बस जीना है,
दुबला पतला कोई नही है,
५६ इंच का सीना है,
इनके हर एक भाषण में,
डायलागों की भरमार है ।
राजनीति के नौटंकी में इनका अच्छा ही किरदार है ।